चोरों का पता लगाने में अँगुलियों के निशानों का का महत्व जाने

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हमारी अँगुलियों की त्वचा की सबसे ऊपरी तह पर काफी सारी लकीरें (ridges) होती हैं, और इनका कार्य है वस्तु को अच्छी तरह पकड़े रहने में हाथ की मदद करना करना ताकि वस्तु आसानी से फिसलकर हाथ से छूटने ना पाए. इनका यदि ध्यान से अध्ययन करना चाहते हो तो निचे मैं आपको एक विधि बता रहा हूँ जिससे आप आसानी से समझ पाओगे.

 

मुलायम सिक्के की पेंसिल जिसपर 2B या sB लिखा हो को एक कागज पर अच्छी तरह रगड़कर कागज को काला कर लो. अब पेंसिल की जगह अपनी एक अंगुली रगड़ों, ताकि तुम्हारी अंगुली पूरी तरह काली हो जाए. जरुरत हो तो पेंसिल को इस कागज़ पर एक बार और रगड़ डालो. क्यूंकि अंगुली के सिक्के के काफी सारे पाउडर की परत ज़मी रहनी चाहिए. ऐसा करने के बाद प्लास्टिक वाली ट्रांसपेरेंट स्टिकी टैप की लगभग 5-6 सेंटी मीटर पट्टी उखाड़ कर इसकी चिपकने वाली साइड के बीचो-बिच वही अंगुली रख कर सावधानी पूर्वक दबा दें. अंगुली हटाने पर टैप पर इसकी छाप जो मिलेगी वही है आपका फिंगर प्रिंट है. टैप को उलट कर किसी सफ़ेद कागज़ पर चिपकाओ बस अब यह पूरी तरह सुरक्षित हो गया. इसी तरह अन्य उंगुलियों के प्रिंट भी लो और ओने घर के दुसरे सदस्यों और दोस्तों के भी, पर इन सबके निचे उनके नाम लिखना न भूलना. नाम जरुर लिख देना. आवर्धक लेंस की मदद से इन फिंगर प्रिंट्स का अध्ययन करने पर तुम पाओगे की इनमें से कोई भी एक दुसरे से नही मिलता हैं.
तभी तो चोरी के स्थानों पर मिले इन अँगुलियों के निशानों की सहायता से चोरों का पता लगा लेने में पुलिस को काफी मदद मिलती है. पाए गए निशानों का मिलान पेशेवर चोरों की अँगुलियों से किया जाता है. जिनका रिकॉर्ड पुलिस के पास होता हैं. और उन लोगों के अँगुलियों के निशानों से भी जिनपर चोरी करने का शंका होता है.

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